
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर अवैध कॉल सेंटर संचालित कर आम जनमानस से साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के शातिर आरोपी को कोर्ट से राहत नहीं मिली। अपर जिला जज (पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने जौनपुर निवासी विजय कुमार उर्फ विक्की की जमानत अर्जी मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी। अदालत में जमानत अर्जी का विरोध एडीजीसी ओंकार नाथ तिवारी व विनय कुमार सिंह ने किया।
प्रकरण के अनुसार 30 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली कि लंका क्षेत्र की गांधी नगर कॉलोनी में अवैध कॉल सेंटर संचालित कर फर्जी शेयर ट्रेडिंग के जरिए लोगों से ठगी की जा रही है। इस सूचना पर पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान एवं सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम विदुष सक्सेना के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित छापा मारकर आरोपित विजय कुमार उर्फ विक्की समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी मेटा, गुगल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नामी कंपनियों के नाम से फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों का डेटा हासिल करते थे। इसके बाद खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर डिमैट अकाउंट की लॉगिन आईडी और पासवर्ड हासिल कर लेते थे। फिर अत्यधिक खरीद-बिक्री कर निवेशकों को नुकसान पहुंचाते और खातों में मौजूद रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। पकड़े गए लोगों के पास से 20 मोबाइल फोन, 30 एटीएम कार्ड, 7 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, विभिन्न बैक दस्तावेज, 24 ग्राम पीली धातु, दो महिंद्रा थार वाहन तथा 4.88 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे।





