- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के निर्णय के बाद उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को इससे बाहर रखे जाने पर असंतोष गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस 5 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री द्वारा उच्च शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व स्ववित्तपोषित शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की गई थी
इसके बावजूद 29 जनवरी 2026 की कैबिनेट बैठक में केवल बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग को शामिल किया गया, जबकि उच्च शिक्षा विभाग को वंचित रखा गया। प्रो. पाण्डेय ने इसे निराशाजनक बताते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।





