
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी: भारतीय रेल को बजट 2026 में 2.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। रेलवे को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से देशभर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार अश्विनी वैष्णव ने 02 फरवरी,2026 को बजट 2026 हेतु उत्तर प्रदेश में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन हेतु माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं माननीया केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल के विकास के लिए कुल 20,012 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। जिससे प्रदेश में दोहरी लाइन, तीसरी लाइन तथा 157 अमृत भारत स्टेशन आदि का कार्य तेजी से किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए वर्ष 2026 हेतु 20,012 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है, जो कि यूपीए सरकार (वर्ष 2009-14) की तुलना में 18 गुना ज्यादा है। अश्विनी वैष्णव ने 02 फरवरी, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर, उत्तर-मध्य एवं पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक एवं मंडल रेल प्रबन्धक,वाराणसी की उपस्थिति में स्थानीय पत्रकारों को बजटीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के अंतर्गत बुनियादी ढाँचा परिवर्तन के कुल 92,056 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं। इस विशाल निवेश में पूरे राज्य में ट्रैक निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा सुधार शामिल हैं।
अमृत स्टेशन योजना के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 157 स्टेशनों को पूर्ण पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है। स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए कुल 7,746 करोड़ रुपये निवेश किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन के रूप में 22 स्टेशंस (अयोध्या धाम, बलरामपुर, बरेली सिटी, बिजनौर, फतेहाबाद, गोला गोकर्णनाथ, गोमती नगर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा जन, इज्जतनगर, मैलानी, पोखरायण, रामघाट हाल्ट, सहारनपुर जन., सिद्धार्थ नगर, सुरेमनपुर, स्वामीनारायण चैपिया, उझानी, फतेहपुर, पांकी धाम) का कार्य पूर्ण किया जा चूका है।बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रीमियम सेवाओं के विस्तार के साथ राज्य में यात्रा दक्षता नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 17 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं तथा 18 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हैं।
100% विद्युतीकरण के लक्ष्य के साथ उत्तर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। 2014 से अब तक लगभग 5,500 किलोमीटर पटरियों का निर्माण हो चुका है। यह लगभग स्विट्जरलैंड के रेल नेटवर्क के बराबर है। उत्तर प्रदेश राज्य ने 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, 2014 से अब तक 7,176 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो चुका है। 1,694 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया।
उन्होनें माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होनें उत्तर प्रदेश हेतु स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए विशेष रूचि ली और उन्हें पूरा कराने में सराहनीय योगदान दिया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कानपुर में एलिवेटेड ट्रैक परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर कर विशेष योगदान दिया है। इसके उपरान्त मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन की अध्यक्षता में आज 02 फरवरी,2026 को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के भारतेंदु सभागार कक्ष में रेल बजट-2026 विषयक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया।
नई लाइन निर्माण परियोजना के अंतर्गत आनन्दनगर-महराजगंज – घुघली (51.30 किमी) – रू. 1409.09 करोड़ की लागत से यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जायेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में अवस्थित है । यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जायेगी। प्रथम चरण में घुघली-महराजगंज (24.78 किमी) तथा द्वितीय चरण में महराजगंज-आनन्दनगर (26.52 किमी) का कार्य किया जायेगा। इस लाइन के निर्माण से महराजगंज जिला मुख्यालय रेल लाइन से जुड़ जायेगा तथा नरकटियागंज से गोण्डा-लखनऊ के मध्य कम दूरी का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जायेगा। गोरखपुर जं. स्टेशन पर यातायात का दबाव कम होगा तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
नई लाइन निर्माण परियोजना के अंतर्गत पनियहवा- छितौनी-तमकुही रोड (64.19 किमी) – रू. 895 करोड़ की लागत से पडरौना जनपद में नई लाइन निर्माण का कार्य दो चरणों में किया जायेगा। प्रथम चरण में पनियहवा-मधुबनी (28.35 किमी) तथा द्वितीय चरण में मधुबनी-तमकुही रोड (35.84 किमी) का कार्य किया जायेगा। जिससे क्षेत्र में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत गोरखपुर कैंट- वाल्मिकी नगर (95.95 किमी) – रू. 1199 करोड़ की लागत से इस खण्ड के दोहरीकरण का कार्य 05 चरणों में पूर्ण किया जायेगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर,महराजगंज, कुषीनगर एवं बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिलों में अवस्थित है। इस परियोजना के पूरा होने से लाइन क्षमता में वृद्धि होने के साथ ही जनआकांक्षाओं के अनुरूप अधिक गाड़ियों का संचलन हो सकेगा।
दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत भटनी- औंड़िहार (116.95 किमी) – रू. 1177.96 करोड़ की लागत से इस खण्ड के दोहरीकरण के अन्तर्गत कीड़िहरापुर-इंदारा (14.7 किमी), सादात-औंड़िहार (20.36 किमी), भटनी-पिवकोल (5.25 किमी), बेलथरा रोड-कीड़िहरापुर (13.85 किमी), दुल्लहपुर-सादात (18.26 किमी), मऊ-दुल्लहपुर (20.92 किमी) का कार्य पूरा हो चुका है। पिवकोल से बेलथरा रोड दोहरीकरण का कार्य जिसमें घाघरा नदी पर रेल पुल का निर्माण कार्य सम्मिलित है, जो तीव्र गति से चल रहा है।
दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत बलिया- छपरा (65 किमी) – रू. 477.31 करोड़ की लागत से स्वीकृत इस दोहरीकरण परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है।
पूर्वोत्तर रेलवे पर 243 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस एवं 119 जोड़ी सवारी गाड़ियों का संचलन किया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों से/होकर 07 जोड़ी वंदे भारत तथा 09 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का संचलन किया जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अन्तर्गत पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 58 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें 13 अमृत स्टेशनों- गोमती नगर, रामघाट, स्वामी नारायण छपिया, गोला गोकरननाथ, सिद्धार्थनगर, मैलानी, बलरामपुर, उझानी, हाथरस सिटी, इज्जतनगर, बरेली सिटी, सुरेमनपुर एवं थावे का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री जी के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। लखीमपुर, गुरसहायगंज, लखनऊ सिटी एवं खलीलाबाद स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। शेष स्टेशनों का कार्य प्रगति पर है।





