
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ के थाना चिनहट क्षेत्र स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक, मटियारी में वर्ष 2024 में हुई बड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए बरामद किए गए असली जेवरात उनके वास्तविक लाकर स्वामियों को सौंप दिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में अज्ञात चोरों ने बैंक की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया था और लाकरों से भारी मात्रा में जेवरात व नगदी चोरी कर ली थी। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा क्राइम टीम सीपी लखनऊ, डीसीपी पूर्वी एवं थाना चिनहट की संयुक्त टीम ने किया था, जिसमें कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल एवं मृत अभियुक्तों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए थे। बरामद माल की शिनाख्त नियमानुसार वीडियोग्राफी के साथ कराई गई, जिसमें लाकर स्वामियों ने अपने-अपने जेवरात की पहचान की थी।
शिनाख्त के उपरांत जेवरातों को लाकर नंबर के अनुसार बॉक्स में पैक कर सदर मालखाना, लखनऊ में सुरक्षित रखा गया था। न्यायालय के आदेश पर आज 14 लाकर स्वामियों को बुलाकर उनके कीमती जेवरात उन्हें सुपुर्द किए गए।
अपने बहुमूल्य गहने वापस पाकर लाकर स्वामियों ने लखनऊ पुलिस की त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। बैंक चोरी के इस मामले में पुलिस की तेज जांच और सफल रिकवरी से आमजन में सुरक्षा को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ है।
लाकर स्वामियों ने लखनऊ पुलिस की कार्यशैली को सराहनीय एवं प्रशंसनीय बताया।
इस पूरी कार्रवाई में गठित पुलिस टीम में एसीपी विभूतिखंड विनय कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा, एसएसआई मनोज कुमार एवं हेड कांस्टेबल नरेंद्र बहादुर सिंह (मालखाना) शामिल रहे।





