
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: विधानसभाओं के तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान कार्य संचालन में पुनः समर्पण और जिम्मेदारी के भाव को मजबूत करने के उद्देश्य से छह विशिष्ट संकल्प पारित किए गए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विधायी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना रहा।
- 1- वर्ष 2047 तक विकसित भारत में योगदान का संकल्प
- 2- राज्य विधानसभाओं में कम से कम 30 दिन की बैठक का संकल्प
- 3- भारत के विधाई कार्य और बेहतर करने के लिए प्रौद्योगिकी और AI का उपयोग
- 4- सहभागी शासन की सभी संस्थाओं को आदर्श नेतृत्व प्रदान करने का संकल्प
- 5- डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ तथ्यपरक और ज्ञानपूर्ण चर्चा हेतु जनप्रतिनिधियों के क्षमता निर्माण का संकल्प
- 6- विधायी निकायों के कार्य संपादन का वस्तुनिष्ठ मानकों पर तुलनात्मक आंकलन
सम्मेलन में उपरोक्त छह संकल्प लिए गए हैं. 24 राज्यों के 36 पीठासीन अधिकारी शामिल हुए. मूल रूप से एक दूसरे से सीखने, अनुभव शेयर करने तथा विधायी संस्थाओं को और अधिक जिम्मेदार बनाना लक्ष्य.





