
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश की कानून व्यवस्था और ट्रैफिक सिस्टम को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल मौजूद रहे। वहीं, प्रदेश भर के जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी, पुलिस कमिश्नर, डीआईजी, आईजी और एडीजी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की और लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर को सख्त निर्देश दिए कि यातायात व्यवस्था में तत्काल और प्रभावी सुधार किया जाए।
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने खुद लखनऊ के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद राजधानी के प्रमुख चौराहों और चौकों पर व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
सोमवार सुबह लखनऊ के अटल चौक पर हजरतगंज पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की। अभियान के दौरान एसीपी हजरतगंज विकास जसवाल, एसीपी ट्रैफिक प्रदीप कुमार, हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह सहित ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही।
हालांकि, चेकिंग अभियान के दौरान उस समय सवाल खड़े हो गए जब मीडिया कर्मियों द्वारा बयान लेने के अनुरोध पर एसीपी ट्रैफिक प्रदीप कुमार ने कैमरे पर आने से इनकार कर दिया। इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गईं कि एक ओर मुख्यमंत्री खुद ट्रैफिक व्यवस्था पर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अभियान के दौरान जिम्मेदार अधिकारी मीडिया के सामने जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था को लेकर देशभर में सराहना होती रही है, लेकिन राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था और अधिकारियों के रवैये को लेकर उठ रहे सवाल सरकार की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री स्तर से ऐसे मामलों में क्या कदम उठाए जाते हैं।





