
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर अस्सी घाट स्थित सुबह-ए-बनारस के मंच पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था वसुधैव कुटुंबकम् द्वारा दशम् शब्दात्मिका सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गायक अनिल तिवारी द्वारा गणेश वंदना “सब जानेला कि देवन में बड़हन बाड़ा तू” से हुआ। इसके उपरांत कार्यक्रम संयोजक डॉ. नागेश शाण्डिल्य द्वारा रचित सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसमें तबले पर ऋषि मिश्रा ने संगत की।
तत्पश्चात अतिथियों का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. नागेश शाण्डिल्य ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।इस अवसर पर नगर की विशिष्ट साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियों को विभिन्न शब्दात्मिका सम्मान प्रदान किए गए। वरिष्ठ गीतकार सूर्य प्रकाश मिश्र को शब्दात्मिका गीत गौरव सम्मान, गद्य एवं पद्य की सशक्त साहित्यकार उषा पांडेय को शब्दात्मिका साहित्य गौरव सम्मान, ख्यातिलब्ध संगीताचार्य पंडित विजय कपूर को शब्दात्मिका सुर सेवा सम्मान, भागवत मर्मज्ञ प्रो. शैलेश कुमार तिवारी को शब्दात्मिका ज्ञान सुधा सम्मान तथा कुशल रंगकर्मी एवं कवि लियाकत अली ‘जलज’ को शब्दात्मिका नाट्य सेवा सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में लोकभूषण साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश मिश्र द्वारा रचित पुस्तक “पुष्प वाटिका शतक” का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि, ख्यातिलब्ध संस्कृति सेवी पंडित प्रमोद कुमार मिश्र ने सम्मानित विभूतियों के योगदान की सराहना करते हुए उनके कार्यों को काशी की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताया। विशिष्ट अतिथि दण्डी स्वामी श्रीमन्नारायण आश्रम ने इस आयोजन को काशी की सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण की दिशा में एक सशक्त प्रयास बताया।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य डॉ. हरेंद्र राय ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। सम्मान प्रदान करना स्वयं में गौरव का विषय है और शब्दात्मिका सम्मान समारोह इस दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरोज कुमार पांडेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अभिनव त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर नगर के कवि एवं कवयित्रियों द्वारा काव्य पाठ भी किया गया, जिसमें गिरीश पांडे ‘काशिकेय’, महेंद्र अलंकार, विकास विदिप्त, डॉ. धर्म प्रकाश मिश्रा, रुद्रनाथ त्रिपाठी ‘पुंज’, रामानंद दीक्षित, प्रताप शंकर दुबे, वत्सला श्रीवास्तव, ऋतु दीक्षित, निकेता सिंह, विजय नारायण ‘रसिक’, कमल नयन कमल सहित अन्य रचनाकार शामिल रहे।इस अवसर पर पं. अरुण द्विवेदी, राजेश द्विवेदी, विजय शेखर उपाध्याय, योगीराज राकेश पांडेय, विनय मिश्रा, निरंजन चौबे, प्रभाकर द्विवेदी, राजीव पांडेय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





