
- रिपोर्ट: अजय सोनकर
वाराणसी धर्म की नगरी काशी में अब अपराधियों की खैर नहीं। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ADCP साइबर क्राइम नीतू काद्दयान (लेडी सिंघम) के नेतृत्व में साइबर सेल ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी कॉल सेंटर के जरिए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर देशभर के मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
प्रमुख झलकी (Highlights):
* सरगना समेत 09 गिरफ्तार: टीम ने घेराबंदी कर गैंग के मास्टरमाइंड सहित 9 शातिर अपराधियों को दबोचा।
* विशाल बरामदगी: ठगों के पास से 2 लग्जरी महिंद्रा थार (करीब 40 लाख), 4.88 लाख कैश, भारी मात्रा में सोना (पीली धातु), 19 मोबाइल और 30 एटीएम कार्ड बरामद।
* हाईटेक ठगी का तरीका: ये ठग Google और Meta पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों का डेटा चुराते थे और ट्रेडिंग एक्सपर्ट बनकर उनके बैंक खातों पर डाका डालते थे।
नीतू काद्दयान के ‘चक्रव्यूह’ में फंसे शातिर ठग
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में ADCP नीतू काद्दयान ने इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली। उनकी विशेष टीम ने गांधीनगर कॉलोनी (लंका) में चल रहे इस अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी कर अपराधियों को रंगे हाथ दबोचा। अपराधियों के पास से भारी संख्या में डिजिटल साक्ष्य और चेकबुक बरामद हुए हैं, जो इनके बड़े सिंडिकेट की गवाही दे रहे हैं।
सावधान! ऐसे करते थे शिकार :
यह गिरोह बड़ी कंपनियों के नाम पर सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाता था। जब कोई व्यक्ति निवेश के लिए इनसे संपर्क करता, तो ये ‘ट्रेडिंग एक्सपर्ट’ बनकर उनका Demat Account लॉगिन आईडी और पासवर्ड ले लेते थे। इसके बाद फर्जी ट्रांजैक्शन दिखाकर लोगों का पैसा ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था।
टीम ‘ लेडी सिंघम ‘ के जांबाज:
इस सफल ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा सहित पूरी साइबर क्राइम टीम का विशेष योगदान रहा। गिरफ्तार अभियुक्तों में मुख्य रूप से जौनपुर और आसपास के जिलों के शातिर युवक शामिल हैं





