
- रिपोर्ट: अजय सोनकर
वाराणसी धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में इन दिनों एक महिला आईपीएस अधिकारी के चर्चे हर जुबान पर हैं। वरुणा जोन की एडीसीपी नीतू काद्दयान अपनी सख्त कार्यशैली और संवेदनशीलता के कारण जनता के बीच ‘लेडी सिंघम’ के रूप में पहचानी जा रही हैं। उनके ऑफिस में आने वाला हर फरियादी इस बात का गवाह है कि वहाँ न्याय की उम्मीद सिर्फ की नहीं जाती, बल्कि उसे तुरंत पूरा भी किया जाता है।
दफ्तर में सुनवाई, मौके पर समाधान
अक्सर देखा जाता है कि पुलिस दफ्तरों में प्रार्थना पत्र देने के बाद लोग हफ्तों चक्कर काटते हैं, लेकिन एडीसीपी नीतू काद्दयान की कार्यप्रणाली बिल्कुल अलग है। वे अपने ऑफिस में आने वाले हर एक नागरिक की फरियाद को बेहद गहनता से सुनती हैं।
मामले की गंभीरता को समझते हुए वे तत्काल संबंधित अधिकारियों को फोन मिलाती हैं और प्रार्थना पत्र के त्वरित निवारण के लिए सख्त आदेश जारी करती हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि जनता की समस्या में देरी का मतलब न्याय में देरी है।
अपराध मुक्त जोन का लिया है संकल्प
‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर नीतू काद्दयान का एक ही मूलमंत्र है— ‘अपराध का खात्मा और आमजन की सुरक्षा’। उन्होंने कड़ा संकल्प लिया है कि जब तक वे इस पद पर हैं, अपने जोन में किसी भी अपराधी को सिर उठाने या अपराध को पनपने नहीं देंगी। उनकी इस सख्ती से अपराधियों में खौफ है, तो वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना
एक अधिकारी होने के बावजूद नीतू काद्दयान आम लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली ऑफिसर मानी जाती हैं। चाहे वह नारी शक्ति का सम्मान बढ़ाना हो या आम नागरिक की मदद करना, वे हमेशा फ्रंटलाइन पर खड़ी रहती हैं। यही वजह है कि आज वरुणा जोन की जनता उन्हें अपना सच्चा मार्गदर्शक और रक्षक मानती है।
“मेरा लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच के विश्वास को इतना मजबूत करना है कि कोई भी पीड़ित बेझिझक अपनी बात कह सके।”
– नीतू काद्दयान (IPS), ADCP वरुणा जोन





