
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ। वामपंथी और कम्युनिस्ट दलों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त करने और उसके स्थान पर लाए जा रहे विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन कानून” के खिलाफ संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया।
यह विरोध प्रदर्शन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी–लेनिनवादी) लिबरेशन और ऑल इंडिया फ़ॉरवर्ड ब्लॉक के संयुक्त मंच द्वारा आयोजित किया गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के राज्य स्थायी समिति सदस्य एवं लखनऊ जिला प्रभारी कामरेड रमेश सिंह सेंगर ने कहा, “मनरेगा कोई खैरात नहीं बल्कि ग्रामीण मेहनतकशों का कानूनी अधिकार है। इसे खत्म कर नया कानून लाना करोड़ों ग्रामीण परिवारों को बेरोज़गारी, भुखमरी और पलायन की ओर धकेलने की साज़िश है।





