
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। निर्मला हॉस्पिटल से रेफर की गई एक महिला मरीज की मौत के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) डॉक्टर आरके बनोधा के समर्थन में उतर आया है। IMA ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉ. बनोधा का पक्ष मजबूती से रखा।
डॉ. बनोधा का स्पष्ट बयान
डॉ. आरके बनोधा ने कहा कि महिला मरीज की मौत लखनऊ स्थित मैक्स हॉस्पिटल में हुई है, न कि निर्मला हॉस्पिटल में। मैक्स हॉस्पिटल द्वारा जारी डेथ सर्टिफिकेट में हाइपर डोज इंजेक्शन से मौत होने की कोई पुष्टि नहीं की गई है। उनके अनुसार मरीज की मृत्यु उसकी पहले से चली आ रही गंभीर बीमारी के कारण हुई। हाइपर डोज देने की स्वीकारोक्ति को उन्होंने जबरन लिखवाया गया बताया।
डॉ. बनोधा ने आगे कहा कि अस्पताल में तोड़फोड़, आगजनी की कोशिश और हंगामा करने से पूरा स्टाफ भयभीत हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्टाफ सदस्य, जो पीड़ित पक्ष की रिश्तेदार थी, उससे जबरन फोन टैप कराया गया। साथ ही, ईएमओ डॉ. संदीप सिंह को भी स्वीकारोक्ति के लिए दबाव डालकर बाध्य किया गया।
IMA अध्यक्ष का बयान
IMA अध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि हर डॉक्टर की यही इच्छा होती है कि उसका मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे। इस मामले में डॉक्टरों पर लगाए जा रहे आरोपों का उन्होंने खंडन किया और डॉ. बनोधा तथा हॉस्पिटल प्रबंधन का समर्थन किया।
प्रशासनिक कार्रवाई
इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने निर्मला हॉस्पिटल के ICU को सील कर दिया है और वहां नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी है। जांच जारी है।


