
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। प्रयागराज पर्यावरण संरक्षण, सदियों पुराने पेड़ों के संरक्षण को लेकर भावाअशिप पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केंद्र प्रयागराज व्यापक मुहिम चलाएगा। इसको लेकर पारिस्थितिकी तंत्र आधारित दृष्टिकोणों के माध्यम से भूमि क्षरण तटस्थता विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।वहीं सांस्कृतिक संध्या में दूरदर्शन व आकाशवाणी की गायिका प्रियंका चौहान ने मधुर गीतों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रियंका ने ‘एक प्यार का नगमा है.., तुमको देखा तो ये ख्याल आया.., झुकी-झुकी सी नज़र.., रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे ..’ जैसे गीतों से सुरीली बयार बहाई तो मंत्रमुग्ध श्रोता उसमें घंटों गोता लगाते रहे। प्रियंका का साथ आरोही सिंह ने दिया। सुविख्यात अकादमी कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने प्रियंका चौहान के गीतों की प्रशंसा की और कहा प्रियंका ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इसके पहले मुख्य अतिथि वन संरक्षक तुलसीदास शर्मा ने भूमि क्षरण सुधार के लिए उचित वृक्ष प्रजातियों के चयन द्वारा पौधारोपण से कृषि वानिकी को बढ़ावा देने पर बल दिया।
केन्द्र प्रमुख डा.संजय सिंह ने बताया कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के 25 से ऊपर प्रशिक्षण प्रतिभागी हैं । वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मनीष कुमार सिंह ने भूमि प्रबंधन तकनीक एवं भूमि क्षरण सुधार में केंद्र की भूमिका से अवगत कराया। समन्वयक आलोक यादव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूप रेखा से अवगत कराया। संचालन सचिव अनुभा श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम की सह समन्वयक डा. अनीता तोमर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.मनीष कुमार सिंह, डा.सुधीर कुमार सिंह, डा.पंकज श्रीवास्तव, डा.पीसी अभिलाष, डा.दीपक लाल, डा.अश्विनी कुमार, डा.उमेश कुमार आदि ने विचार व्यक्त किए।





