
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट, ब्यूरो लखनऊ
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध घुसपैठ के बढ़ते मामलों पर कठोर रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारियों को दिए गए मुख्य निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को आदेशित किया है कि—
अपने-अपने जिलों में अवैध घुसपैठियों की पहचान तेजी से की जाए।
सभी घुसपैठियों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इसलिए प्रशासन को इस दिशा में बेहद सतर्कता और संवेदनशीलता से कार्य करना होगा।
प्रदेश में सख्ती का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्देश के बाद माना जा रहा है कि पूरे प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और कार्रवाई पूरी पारदर्शिता व कानूनी प्रक्रिया के तहत हो।
सरकार का यह कदम प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।




