
- रिपोर्ट – अजय सोनकर
वाराणसी।पूर्वांचल में नशे के अवैध व्यापार का नेटवर्क वाराणसी, जौनपुर, भदोही से लेकर सोनभद्र और आसपास के जिलों तक गहरी जड़ें जमा चुका है। करोड़ों का यह काला कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था, लेकिन हाल ही में हुई बरामदगियों और राजनीतिक आरोपों के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। कई आरोपी फरार हैं, कई भूमिगत होकर नेटवर्क चला रहे हैं और कई इस धंधे से रातोंरात करोड़पति–अरबपति बन चुके हैं। सियासी आरोपों के बाद अब पुलिस जांच तेज जरूर हुई है, लेकिन बड़ी मछलियाँ अभी भी पकड़ से बाहर हैं।
भदोही: मेडिकल एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई, कोडीनयुक्त कफ सीरप व कैप्सूल की भारी बिक्री उजागर
भदोही में औषधि निरीक्षण टीम ने मर्यादपट्टी स्थित महेंद्र मेडिकल एजेंसी की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
8640 शीशी (100 एमएल) बायोहब कोविड कफ सीरप
72,480 प्यूराक्सिविन स्पास (पी) कैप्सूल
की बिक्री पाई गई, लेकिन इन दवाओं के किस चिकित्सक के पर्चे पर बिक्री हुई, इसका कोई रिकार्ड नहीं मिला।
एजेंसी संचालक संजीव गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
औषधि प्रशासन की टीम ने अमवाकला के श्रीगुरुदेव मेडिकल एजेंसी, महाराजगंज के ओपी फार्मा और चौरी के राजेंद्र एंड संस मेडिकल स्टोर की भी जांच की, लेकिन सभी दुकानों पर ताले जड़े मिले। यहां भी प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के प्रमाण हैं, जिनके आधार पर लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कानपुर से भदोही तक कोडीनयुक्त दवाओं की सप्लाई का खुलासा
लखनऊ के ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्य द्वारा भेजे गए ईमेल में बताया गया कि कानपुर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मेसर्स मेगा लॉजिस्टिक्स ने
13 जून 2024 से 26 जुलाई 2025 के बीच महेंद्र मेडिकल एजेंसी को
25 इनवॉइस में 302 बॉक्स कोडीनयुक्त कफ सीरप और प्रतिबंधित कैप्सूल भेजे।
इस सूचना के बाद 18 नवंबर को मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी की गई।
42.45 करोड़ की अवैध कफ सीरप तस्करी का जाल फूटा, वाराणसी–जौनपुर–बिहार–बंगाल तक कनेक्शन
जौनपुर में 42.45 करोड़ रुपये की भारी तस्करी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। यह पूरा नेटवर्क अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा पाया गया है।
मुख्य आरोपी – वाराणसी का शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल
भोला जायसवाल के नाम पर झारखंड के रांची में शैली ट्रेडर्स नामक फर्म संचालित है।
यही फर्म जौनपुर की 12 दवा कंपनियों को
18 लाख 90 हजार शीशी कोडीनयुक्त फेंसेडिल कफ सीरप की बिलिंग करती थी।
लेकिन सीरप जौनपुर पहुंचा ही नहीं।
इसके बजाय इसे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश तक तस्करी किया गया।
इन 14 लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
भोला जायसवाल (शैली ट्रेडर्स, रांची)
शुभम जायसवाल (उनका पुत्र)
पूर्वांचल एसोसिएट, ढालगरटोला
गुप्ता ट्रेडिंग, बालवरगंज सुजानगंज
मिलन ड्रग्स सेंटर, ढालगरटोला
मिलन मेडिकल एजेंसी, बलुआघाट
शौकुश्य फार्मा, सरफराजपुर
स्टार इंटरप्राइजेज, दिलाजाक अकबरी मार्केट
श्री मेडिकल एजेंसी, मुरादगंज
हर्ष मेडिकल एजेंसी, ढालगरटोला
बद्रीनाथ फार्मेसी एंड सर्जिकल, कटघरा
निगम मेडिकल एजेंसीज, ओलंदगंज
एसएन मेडिकल एजेंसी, मुफ्ती मोहल्ला
श्रीकेदार मेडिकल एजेंसी, उदपुर नौपेड़वां
कैसे चलता था नेटवर्क?
रांची की शैली ट्रेडर्स फर्म कागज़ों पर जौनपुर भेजने के लिए बिल बनाती थी
नेटवर्क का संचालक शुभम जायसवाल इन फर्मों से हर महीने तय धनराशि लेता था
माल जौनपुर न भेजकर चोरी–छिपे ट्रकों से बिहार–बंगाल–बांग्लादेश भेज दिया जाता था
कोडीनयुक्त सीरप को नशे के रूप में बेचकर करोड़ों की कमाई की जाती थी
पुलिस का दावा – और बड़े नाम आएंगे सामने
जांच टीम ने संकेत दिए हैं कि यह नेटवर्क और बड़ा है।
कई मेडिकल स्टोर, सप्लायर, गोडाउन और लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ रडार पर हैं।
जल्द ही नए आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
पूर्वांचल में नशे का यह खुलासा बताता है कि करोड़ों का अवैध व्यापार वर्षों से चल रहा है और इसकी जड़ें कई जिलों, राज्यों और गिरोहों से जुड़ी हैं। जांच जारी है।


