
- रिपोर्ट: अजय सोनकर
वाराणसी: आज ही के दिन यानि 8 नवंबर को साल 2016 में रात 8 बजे अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के नाम संबोधन हुआ था और तत्काल प्रभाव से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का एलान किया गया था, इस फैसले से पूरा देश सन्न रह गया था, आज उसी नोटबंदी के इस फैसले को पूरे 9 साल हो गए हैं।
सरकार का दावा था कि नोटबंदी का मकसद काला धन, आतंक फंडिंग और नकली करेंसी पर लगाम लगाना था. लेकिन सवाल उठता है कि क्या नोटबंदी ने अपने लक्ष्य हासिल किए? नोटबंदी से काला धन खत्म हुआ या नहीं, इस पर अभी भी राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है।
तारीख- 8 नवंबर 2016. रात के 8 बजे, अचानक देश को संबोधित करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए. देशवासियों की निगाहें टेलीविजन पर टिकी थीं. पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए तत्काल प्रभाव से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान कर दिया, पूरा देश सन्न रह गया था…



