
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: भारत की बेटियों ने महिला वनडे विश्व कप 2025 में इतिहास रचते हुए न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि अपने शानदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस जीत के साथ भारत पहली ऐसी टीम बन गया जिसने लगातार तीन मैच हारने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए विश्व कप अपने नाम किया।
सिर्फ 22 साल की विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष, जिन्हें महिला क्रिकेट की ‘धोनी’ कहा जा रहा है, टूर्नामेंट की ‘सिक्सर क्वीन’ बनीं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक 12 छक्के लगाए और 133.52 के स्ट्राइक रेट से तेज़तर्रार बल्लेबाजी करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
भारत ने टूर्नामेंट के दौरान कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ लीग मैच में 340 रन और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 5 विकेट पर 341 रन बनाकर भारत ने महिला वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्य का सफल पीछा करने का रिकॉर्ड बनाया।
टूर्नामेंट के शीर्ष पांच स्कोरों में से तीन भारत के बल्लेबाजों के नाम रहे, जो टीम के दबदबे को दर्शाता है।
भारत की ओपनिंग जोड़ी स्मृति मंधाना और प्रतीका रावल ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड साझेदारी की, जिसने टीम की जीत की मजबूत नींव रखी। स्मृति मंधाना ने पूरे टूर्नामेंट में 434 रन (औसत 54.25) और प्रतीका रावल ने 308 रन (औसत 51.33) बनाए।
भारत की ओर से इस विश्व कप में तीनों शतक इन्हीं बल्लेबाजों ने लगाए — स्मृति मंधाना (109 बनाम न्यूज़ीलैंड), प्रतीका रावल (122 बनाम ऑस्ट्रेलिया) और तीसरा शतक टीम के शानदार अभियान का हिस्सा बना।
यह जीत न केवल भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम अध्याय में एक नई पंक्ति जोड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है। 🇮🇳🏆



