
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राज्य का सियासी माहौल और भी गरमाता जा रहा है। मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। इसी बीच बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “जब गरीब का राज होता है तो लोग उसे जंगलराज कहते हैं, लेकिन जब सत्ता के संरक्षण में अपराध होते हैं तो उसे क्या कहा जाए?”
राबड़ी देवी ने इस दौरान चुनाव और बिहार की मौजूदा राजनीति पर खुलकर अपनी राय रखी। खास बात यह रही कि उन्होंने पहली बार अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को लेकर भी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह तेज प्रताप के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगी, तो राबड़ी देवी ने कहा, “वह मन से तो बेटा है, लेकिन पार्टी और घर से इन लोगों ने उसे निकाला है। उसके प्रचार के लिए नहीं जाऊंगी, लेकिन दिल से चाहती हूं कि वह जीते।”
उन्होंने कहा कि तेज प्रताप अब अपने पैरों पर खड़ा है और उसे बिहार में काम करने का पूरा अधिकार है। दोनों भाइयों तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के बीच चल रहे राजनीतिक मतभेदों पर राबड़ी देवी ने कहा, “परिवार में कभी-कभी मतभेद होते रहते हैं, लेकिन भाई-बहन एक ही हैं। जिनका अपना घर नहीं होता, वही दूसरों के घर में लड़ाई लगाते हैं।”
राबड़ी देवी ने आगे कहा कि उन्हें अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, “जब तेजस्वी मन में ठान लेता है, तो वह करके दिखाता है। उसने 17 महीने में काम करके यह साबित किया है।” उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि “पांच किलो राशन के बहकावे में मत आइए, तेजस्वी ने जो वादे किए थे, उन्हें निभाया है और आने वाले समय में हर घर तक सरकारी नौकरी पहुंचेगी।”
राबड़ी देवी के इस बयान से साफ है कि बिहार की राजनीति न सिर्फ चुनावी मोड़ पर है, बल्कि परिवार और सत्ता दोनों के बीच संतुलन साधने की कोशिशें भी जारी हैं।



