
- रिपोर्ट: अजय सोनकर
शिवपुरी जिले के एक अस्पताल से मासूम शिशु को एक महिला द्वारा चोरी कर ले जाने की गंभीर सूचना प्राप्त होते ही, पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन हिमानी खन्ना के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में सागर पुलिस द्वारा त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई की गई और बीते दिवस शिशु को सुरक्षित सागर में बरामद किया गया।
गुरुवार को शिवपुरी से IPS प्रोबेशनर SDOP करेरा आयुष जाखड़ अपनी टीम के साथ, जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस की मेडिकल टीम एवं महिला पुलिस स्टाफ को साथ लेकर सागर पहुंचे, ताकि शिशु को विधिवत रूप से वापस सौंपा जा सके।
सागर पुलिस की संवेदनशीलता — केवल कर्तव्य नहीं, अपनत्व की भावना:
शिशु के बरामद होने से लेकर स्वास्थ्य परीक्षण, देखभाल एवं सुरक्षा तक सागर पुलिस के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने बच्ची को अपने परिवार के सदस्य जैसा अपनाया।
पिछले लगभग 12-15 घंटों में मासूम से ऐसा भावनात्मक जुड़ाव हो गया कि जब शिशु को रवाना किया गया तो अधिकारियों एवं महिला पुलिस स्टाफ के चेहरों पर खुशी के साथ-साथ भावुकता भी स्पष्ट दिखाई दी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, चिकित्सा टीम एवं महिला पुलिस स्टाफ रातभर अस्पताल में मौजूद रहकर बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। यह केवल कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवीयता, संवेदनशीलता और जिम्मेदार Policing का श्रेष्ठ उदाहरण है।
शिशु को सौंपने की प्रक्रिया:
- अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण पूर्ण किया गया
- सभी आवश्यक दस्तावेजी एवं कानूनी प्रक्रिया संपन्न की गई
नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप की निगरानी में IPS SDOP करेरा आयुष जाखड़, मेडिकल टीम एवं महिला पुलिस टीम के साथ शिशु को एम्बुलेंस द्वारा शिवपुरी रवाना किया गया।
समाज के लिए संदेश:
- यह घटना केवल एक पुलिस सफलता नहीं,बल्कि सागर पुलिस की टीम वर्क, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का उज्ज्वल प्रमाण है।
- पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा, सहारा और भरोसा भी है।
सागर पुलिस की अपील:
- जनता सतर्क रहे
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल Dial 100/112 पर दें
- विशेषकर नवजात एवं छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सदैव सावधान रहें



