
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, जनता दल (यूनाइटेड) में अनुशासनहीन नेताओं पर शिकंजा कसना तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन निष्कासन की सूची जारी की है।
रविवार को 5 नेता निष्कासित
रविवार को जेडीयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर विधायक गोपाल मंडल, पूर्व विधायक महेश्वर यादव, पूर्व एमएलसी संजीव श्याम सिंह समेत कुल पांच नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर कर दिया। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि ये सभी नेता संगठन के निर्णयों के खिलाफ जाकर कार्य कर रहे थे और चुनावी माहौल में अनुशासन तोड़ने का काम कर रहे थे।
शनिवार को भी 11 नेताओं पर गिरी गाज
इससे एक दिन पहले, शनिवार को जेडीयू ने 11 नेताओं को निष्कासित किया था। इनमें चार पूर्व विधायक और दो पूर्व विधान पार्षद शामिल थे। निष्कासित नेताओं में पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह, पूर्व विधान पार्षद रणविजय सिंह, पूर्व विधायक सुदर्शन कुमार, अमर कुमार सिंह, महुआ की पूर्व प्रत्याशी आस्मां परवीन, लव कुमार, आशा सुमन, दिव्यांशु भारद्वाज और विवेक शुक्ला के नाम प्रमुख हैं।
इस तरह जेडीयू ने दो दिनों में कुल 16 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है।
अनुशासन पर नीतीश कुमार का सख्त संदेश
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि चुनावी दौर में किसी भी तरह की गुटबाजी या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिलाध्यक्षों और उम्मीदवारों को कहा गया है कि संगठन के खिलाफ बोलने या पार्टी लाइन से हटकर काम करने वालों की जानकारी तुरंत पार्टी मुख्यालय को भेजी जाए।
जेडीयू का यह कदम साफ संकेत देता है कि आगामी चुनाव से पहले नीतीश कुमार अनुशासन और एकजुटता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।



