
-नौकरी लगवाने के नाम पर 150 बेरोजगारों से हड़पे 80 करोड़।
-इंस्पेक्टर चिनहट और सीबीसीआईडी की संयुक्त टीम ने नटवरलाल को किया गिरफ्तार
-दबोचने के बाद चिनहट कोतवाली में किया दाखिल
-इस गुड वर्क पर खुश होकर पुलिस महानिदेशक सीबीसीआईडी ने टीम को इनाम देने की घोषणा की
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ: खुद को गुजरात कैडर का आईएएस अधिकारी व आईपीएस अफसर बताकर 150 लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनकी गाढ़ी कमाई हड़पने वाले नटवरलाल झारखंड निवासी डॉ विवेक उर्फ विवेक आनन्द मिश्रा को जांच-पड़ताल करने के बाद मामला सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और सीबीसीआईडी टीम ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार कर ठग को सीबीसीआईडी टीम ने चिनहट कोतवाली में दाखिल किया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि जांच पड़ताल में सामने आया है कि खुद को गुजरात कैडर का आईएएस अफसर और आईपीएस अधिकारी बता झारखंड राज्य के बोकारो थाना क्षेत्र स्थित मकान नंबर 570 शिव पुरी कालोनी डॉ विवेक उर्फ विवेक आनन्द मिश्रा पुत्र जे मिश्रा ने बीते सालों में बेरोज़गारी का दंश झेल रहे 150 युवाओं को अपने चंगुल में फंसाया और अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाख रुपए नहीं बल्कि 80 करोड़ रुपए ऐंठे लिया था।
बताया जा रहा है सभी पीड़ित उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता डॉ आशुतोष मिश्रा से मुलाकात कर अपनी-अपनी दर्द बयां की।
उनकी पीड़ा को संज्ञान में लेते हुए अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा ने इसकी शिकायत राजधानी लखनऊ में सीबीसीआईडी मुख्यालय में तैनात अफसरों को दी।
इतनी बड़ी रकम ऐंठने की बात सामने आते ही सीबीसीआईडी के अफसर चौकन्ना हो गए और आनन-फानन में 24 जुलाई 20219 चिनहट कोतवाली में दर्ज कराई थी।
बताया जा रहा है इस मामले की सीबीसीआईडी में तैनात विवेचक निरीक्षक रमेश चंद्र तिवारी ने गहनता से छानबीन की तो मामला सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के सहयोग से उनकी टीम में शामिल निरीक्षक राहुल कुमार द्विवेदी, मुख्य आरक्षी कमलेश कुमार, मुख्य आरक्षी संदीप कुमार व आरक्षी चालक शैलेन्द्र कुमार ने गुरुवार को हाईप्रोफाइल नटवरलाल को गिरफ्तार कर लिया। सीबीसीआईडी टीम ने गिरफ्तार कर शातिर ठग डॉ विवेक उर्फ विवेक आनन्द को चिनहट कोतवाली में दाखिल कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
इस गुड वर्क पर खुश होकर CID के पुलिस महानिदेशक BK सिंह ने टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
जालसाजों का हब बनी राजधानी-
फर्जी आईपीएस अधिकारी तो कभी आईएएस अफसर बनकर करते हैं लाखों-करोड़ों की ठगी
राजधानी जालसाजों का हब बनती जा रही है। जालसाज कभी फर्जी आईएएस अधिकारी तो कभी आईपीएस बन ठगी करते हैं। जालसाजों हौसले किस कदर बुलंद हैं, यह बीते कुछ सालों और हाल ही में कईयों ऐसे हाईटेक जालसाजों को पकड़कर पुलिस सलाखों के पीछे भेज चुकी है, इसके बाद भी इनका कुनबा घटने के बजाए बढ़ता जा रहा है। सीबीसीआईडी टीम के हत्थे चढ़े नटवरलाल झारखंड निवासी डॉ विवेक उर्फ विवेक ने अपना काला करतूत पेश कर पुलिस को बताया कि वह अबतक 150 बेरोजगार युवाओं से 80 करोड़ से अधिक रुपए ऐंठे चुका है।
बताया जा रहा है पकड़ा गया जालसाज पुलिसकर्मियों से लेकर अन्य विभागों में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर रौब गांठता था। राजधानी में जालसाजों का नेटवर्क कितना मजबूत है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि गिरफ्तार जालसाज विवेक उर्फ विवेक आनन्द मिश्रा ने करोड़ों की ठगी कर हर किसी को सकते में डाल दिया।



