
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा की एक 17 वर्षीय दलित छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने सनसनी फैला दी है। घटना शनिवार दोपहर करीब 5 बजे हुई, जब पीड़िता अपनी बहन से मिलने जा रही थी। उसके साथ एक दोस्त था, लेकिन चार-पांच आरोपियों ने दोस्त को पीटकर भगा दिया और सुनसान बाग में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता को और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस उपायुक्त (DCP) दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने कहा, “घटना की गंभीरता को देखते हुए पांच टीमों का गठन किया गया था। मेडिकल जांच में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। आरोपियों ने नशे की हालत में यह कृत्य किया, और घटनास्थल के पास शराब ठेका भी मिला है।”
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 8-12 घंटों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। देर रात हरौनी रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी ललित कश्यप के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल ललित को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। ललित का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।

DCP अग्रवाल ने आगे बताया कि मुठभेड़ में ललित के साथ सवार एक अन्य आरोपी छोटू फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए कांबिंग ऑपरेशन जारी है। पुलिस की एक अन्य टीम ने मामले में नामजद पांचवें आरोपी मेराज को हरौनी स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। कुल पांच आरोपी नामजद हैं: छोटू, बाबू (राजेंद्र कश्यप), ललित कश्यप, विशाल (शिव कश्यप) और मेराज। सभी आरोपी घटनास्थल के आसपास के गांवों के निवासी हैं। मुठभेड़ स्थल से एक बाइक, तमंचा, कारतूस और खोखा भी बरामद किया गया है।
DCP ने आश्वासन दिया कि बाकी फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह घटना समाज में व्याप्त कुरीतियों पर सवाल खड़े कर रही है, और पुलिस की तत्परता की सराहना हो रही है।



