
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता और वीटो पावर प्राप्त करने से अब केवल एक कदम दूर है। इसके लिए पांच वीटो पावर देशों—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन—की सहमति आवश्यक है। फ्रांस, रूस, चीन और ब्रिटेन ने भारत के पक्ष में अपनी सहमति जता दी है, लेकिन अमेरिका की ओर से अभी संदेह बना हुआ है।
दुनिया के 154 देशों ने भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन किया है सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि चीन जो हमेशा से भारत का विरोधी रहा है इस वक्त सबसे मजबूती से भारत के साथ खड़ा है और वो कहा कि भारत के बिना इस महापंचायत का कोई महत्व नहीं।
अगर भारत को स्थाई सदस्यता नहीं दी गई तो भारत बाकी छोटे बड़े देशों को इकठ्ठा कर इसके समानांतर संगठन बना लेगा तब संयुक्त राष्ट्र संघ का कोई औचित्य ही नहीं रहेगा।
फिलहाल मजबूरन अमेरिका ने भी भारत के पक्ष में ही वोट किया है क्योंकि भारत के साथ 154 देश हैं। अब पांच वीटो पावर देश एक अलग मीटिंग करेंगे अगर पांचों सहमत होंगे तो भारत छठवां वीटो पावर स्थाई सदस्यता वाला देश बन जाएगा।
इसका सारा श्रेय विदेश मंत्री एस जयशंकर को जाता है, और 99.99% तय है कि भारत को वीटो पावर मिल जाएगा।



