
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या के घंटाघर चौक में गुरुवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान एक अनोखा वाकया सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। शोभायात्रा के लिए बनाए गए जनप्रतिनिधियों के मंच के ठीक सामने कांग्रेस पार्टी का एक बैनर लगाया गया था, जो घंटों तक भाजपा कार्यकर्ताओं को मुंह चिढ़ाता रहा। इस बैनर पर कांग्रेस के नारे और नेताओं की तस्वीरें थीं, जो भाजपा के वर्चस्व वाले इस आयोजन में चर्चा का विषय बन गया।
घटना उस समय हुई जब घंटाघर चौक में दुर्गा विसर्जन शोभायात्रा का आयोजन चल रहा था। मंच पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद थे, लेकिन उनकी नजरों से चूक गए इस बैनर ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी। कई घंटों तक यह बैनर लहराता रहा, जिसे देखकर स्थानीय लोग और कार्यकर्ता हैरान रह गए। कुछ लोगों ने इसे कांग्रेस की ओर से जानबूझकर की गई शरारत बताया, तो कुछ ने इसे आयोजकों की लापरवाही करार दिया।
कई घंटों बाद जब किसी भाजपा कार्यकर्ता की नजर इस बैनर पर पड़ी, तो आनन-फानन में इसे हटा दिया गया। बैनर हटाए जाने के बाद भी यह घटना स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, तो कुछ ने इसे राजनीतिक दांवपेच का हिस्सा माना।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अयोध्या जैसे संवेदनशील और धार्मिक महत्व के शहर में इस तरह की घटना ने आयोजकों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इस मामले पर न तो कांग्रेस और न ही भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर इस बैनर की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, और लोग इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।
यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि यह दर्शाता है कि छोटी-सी चूक भी कैसे बड़े विवाद का रूप ले सकती है।



