
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन के जीएसटी रिफॉर्म्स पर किए गए दावों की कड़ी परीक्षा लेने समाजवादी पार्टी (सपा) की नेत्री काजल निषाद बाजार में उतर पड़ीं। रवि किशन ने दावा किया था कि जीएसटी दरों में कमी के बाद सामानों की कीमतें 50 फीसदी तक गिर जाएंगी, लेकिन काजल निषाद ने इसे “लिटमस टेस्ट” देकर झुठलाने का प्रयास किया।
समोसे की समस्या संसद में उठाने वाले सांसद रवि किशन का दावा
कुछ दिनों पूर्व सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में रवि किशन ने कहा था कि 22 सितंबर से लागू जीएसटी रिफॉर्म्स के बाद खाने-पीने की चीजों से लेकर वाहनों तक की कीमतों में 50 फीसदी की कमी आ गई है। उन्होंने कपड़े, टीवी और अन्य उपभोक्ता सामानों पर 50 फीसदी डिस्काउंट का दावा किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता झूठ बोलने का ब्रह्मांड रिकॉर्ड बना रहे हैं। नेटिजन्स ने भी सांसद के गणित पर सवाल उठाए।
काजल निषाद का बाजार दौरा: 50% डिस्काउंट की मांग
सपा नेत्री काजल निषाद, जो 2024 लोकसभा चुनाव में गोरखपुर से रवि किशन के खिलाफ लड़ी थीं, त्योहारों के मौके पर खरीदारी के बहाने सिटी मॉल पहुंचीं। वहां उन्होंने कई शोरूम मालिकों से सामानों पर 50 फीसदी डिस्काउंट मांगा। काजल ने कहा कि सांसद रवि किशन ने 3,000 रुपये की जैकेट को 1,600 रुपये में दिलाने का वादा किया था, लेकिन पूरे जिले में कहीं भी ऐसा सस्ता जैकेट नहीं मिल रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रवि किशन शायद “सस्ता नशा” करके ऐसी बातें कर रहे हैं। शोरूम मालिकों ने डिस्काउंट देने से इनकार कर दिया, जिससे काजल का “लिटमस टेस्ट” विफल साबित हुआ।
क्या ऐसा हुआ या नहीं?
जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में कई आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, रोटी-चपाती पर जीएसटी दरें 5 फीसदी से घटाकर शून्य कर दी गईं, लेकिन रवि किशन के 50 फीसदी कीमत घटने के दावे पर बाजार में कोई असर नजर नहीं आया। काजल निषाद का दौरा इस बात का प्रमाण है कि दावे हकीकत से कोसों दूर हैं। सपा ने इसे भाजपा की “झूठी प्रचार” बताते हुए जनता से सतर्क रहने की अपील की है। मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए है।



