
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
सहपऊ: नवरात्रि का पर्व सहपऊ कस्बे में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम लेकर आया। प्राचीन शक्ति पीठ भद्रकाली माता मंदिर पर पांचवें दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय मां भद्रकाली” के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा और भक्तों की आस्था का सैलाब देखने लायक रहा।
सैकड़ों साल पुराना यह धाम मान्यता और आस्था का केंद्र है। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से मां का ध्यान करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। नवरात्र पर मंदिर पूरे दिन दर्शनार्थियों के लिए खुला रहा और श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित कर मां से आशीर्वाद लिया।
स्थानीय भक्त राजा वार्ष्णेय ने कहा – “हर साल नवरात्रि पर मां के दरबार में आकर आत्मा को शांति और शक्ति मिलती है।”
भक्त मंदिर पुजारी बोले – “भद्रकाली माता हमारे क्षेत्र की आराध्या हैं, मां की कृपा से ही जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।”
मेले जैसा माहौल बने इस आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिनभर लगी रही। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण से वातावरण और भी भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर योगेश वार्ष्णेय (युवा नगर अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, हाथरस) का भी मंदिर कमेटी द्वारा अंग वस्त्र पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया।
नवरात्रि के पांचवें दिन सहपऊ कस्बा पूरी तरह मां भद्रकाली की भक्ति में डूबा नजर आया।



