
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किन्नरों के आतंक ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। एक समय था जब किन्नरों को समाज में सम्मान, दया और सहानुभूति की नजरों से देखा जाता था। मां-बहनें अपने बच्चों के लिए किन्नरों से आशीर्वाद और दुआएं मांगती थीं। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। कुछ बनावटी किन्नर समाज में डर और दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं, जिसके सामने पुलिस भी लाचार नजर आ रही है।
किन्नरों का उत्पात और आम जनता में दहशत
लखनऊ के कई इलाकों, खासकर बाजारों, चौराहों और रिहायशी क्षेत्रों में किन्नरों के समूह जबरन वसूली, धमकी और मारपीट की घटनाओं में शामिल हो रहे हैं। दुकानदारों और राहगीरों से पैसे मांगने के लिए ये किन्नर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार तक उतर आते हैं। कई मामलों में तो ये लोग शादियों और अन्य समारोहों में बिना बुलाए पहुंचकर हंगामा करते हैं और मोटी रकम वसूलने की कोशिश करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनके डर से कई बार वे मजबूरन पैसे दे देते हैं।
पुलिस की लाचारी
आश्चर्य की बात यह है कि इन किन्नरों के खिलाफ शिकायत करने पर भी पुलिस कार्रवाई में ढिलाई बरतती है। कई थानों में शिकायत दर्ज करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। सूत्रों के मुताबिक, कुछ किन्नरों के ताकतवर रसूख और स्थानीय गुंडों से संबंध होने की वजह से पुलिस भी इनके सामने बेबस नजर आती है। हाल ही में हजरतगंज और गोमती नगर जैसे पॉश इलाकों में भी किन्नरों द्वारा उत्पात की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
समाज में बदलता नजरिया
किन्नर समुदाय, जो कभी आशीर्वाद और शुभकामनाओं का प्रतीक माना जाता था, अब इन बनावटी किन्नरों की हरकतों की वजह से बदनामी का शिकार हो रहा है। कई लोग अब इनसे दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि असली किन्नर समुदाय को भी इन बनावटी लोगों की वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रशासन से अपील
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बढ़ते आतंक पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। पुलिस को चाहिए कि वह ऐसी गतिविधियों पर नकेल कसे और जबरन वसूली व उत्पात मचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही, असली किन्नर समुदाय के लिए सम्मानजनक आजीविका के अवसर पैदा करने की भी जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाएं कम हो सकें।
लखनऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें। हालांकि, जनता का कहना है कि जब तक पुलिस सक्रियता नहीं दिखाएगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।



