
- रिपोर्ट- ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ। समाजवादी छात्र सभा लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई द्वारा भारत के प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मना कर विरोध जताया गया।
जिस प्रकार सत्ता में आने से पहले युवाओं को 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा किया था लेकिन वो सिर्फ जुमला साबित हुआ, पढ़े लिखे युवाओं को पकौड़ा तलने का सलाह देकर युवाओं का अपमान किया गया, सरकारी एजेंसीओ का निजीकरण कर रोजगार छीनने का काम किया गया ।इन्हीं सारे मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के युवा छात्रों द्वारा आक्रोश जता कर विरोध किया गया ।
प्रदर्शनकारियों में समाजवादी छात्र सभा लखनऊ विश्वविद्यालय के इकाई अध्यक्ष प्रिंस कुमार ने बताया कि जिस प्रकार देश में बेरोज़गारी बढ़ रही, और जिस प्रकार तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमित्ता देखने को मिला है, ये सरकार की युवा नीतियों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। छात्र सभा प्रदेश सचिव अक्षय यादव ने आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए वायदे के मुताबिक युवाओं को रोजगार दिया होता 11 साल में 22 करोड़ लोगों को रोजगार मिला होता तो 80 करोड़ राशन देने की जरूरत नहीं होती।
इस दौरान इकाई उपाध्यक्ष रोहित यादव, शिवा जी यादव, आदित्य पांडे,अक्षत पांडे, प्रभात राज यादव, मनीष सिंह, विकास पटेल, अजितेन्द्र यादव, शिव पूजन पांडे, रुद्रवीर यादव, आयुष यादव, जतिन यादव, प्रशांत पाल, नवीन यादव, अंश, सूर्यान्श आर्यन, अखिलेश, प्रशांत पाल, विनय शाक्य, अंबुज, सचिन, अभिषेक, संदीप एवं अन्य मौजूद रहे।





