
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ के सैरपुर गांव में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम अवैध प्लाटिंग की बाउंड्री गिराने पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण उन्हें बिना कार्रवाई किए उल्टे पांव लौटना पड़ा। यह घटना मंगलवार को सैरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।
ग्रामीणों का उग्र विरोध
LDA की प्रवर्तन जोन-4 की टीम ने सैरपुर गांव में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को ध्वस्त करने की योजना बनाई थी। जैसे ही टीम ने बाउंड्रीवॉल और अन्य निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू की, गांव के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए LDA की कार्रवाई को अनुचित बताया और अधिकारियों को वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया।
LDA का दावा: अवैध थी प्लाटिंग
प्रवर्तन जोन-4 की जोनल अधिकारी संगीता राघव के अनुसार, सैरपुर के ग्राम-कोडरी भौली में नीरज रावत और अन्य लोगों द्वारा करीब 2 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। इस कॉलोनी का नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं था। इसके खिलाफ विहित न्यायालय ने ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी किया था।
ग्रामीणों का पक्ष
विरोध करने वाले ग्रामीणों का कहना था कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और LDA की कार्रवाई बिना उचित नोटिस के की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण ने स्थानीय लोगों की बात सुने बिना एकतरफा कार्रवाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
कार्रवाई स्थगित, तनाव बरकरार
ग्रामीणों के उग्र विरोध को देखते हुए LDA की टीम को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे और जल्द ही दोबारा कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण अपनी जमीन को लेकर सतर्क हैं।





