
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
पटना/वाराणसी: जनपद सोनभद्र के तहसील घोरावल में वित्तीय वर्ष 2007-2008 में कृषकों के वितरण हेतु शासन से प्राप्त सूखा अनुदान योजना के खाते से तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर करके बैंक से धन आहरित किये जाने के सम्बन्ध में थाना-घोरावल जनपद सोनभद्र पर मु0अ0सं0-123/2010, धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471 भा0द0वि0 का अभियोग पंजीकृत कराया गया था।
प्रश्नगत प्रकरण में सूखा राहत योजना तहत प्राप्त कुल 16 चेकों के माध्यम से तहसील घोरावल जनपद सोनभद्र में सरकारी धन मु0 41,50,000.00 रूपये का अभियुक्तगण द्वारा आपस में दुरभिसंधि कर गबन किया गया है। योजना के तहत कृषकों को सीधे बैंक के माध्यम से खाते में पैसे भेजा जाना था, किन्तु अभियुक्तगण द्वारा शासकीय धन को तहसीलदारों के फर्जी हस्ताक्षर से अपने नाम जारी करके आदेश वाहक के रूप में भुगतान प्राप्त कर गबन किया गया है।
इस अभियोग में संकलित अभिलेखीय/मौखिक साक्ष्यों के विश्लेषण से तत्कालीन कानूनगो सहित 04 अभियुक्तों की संलिप्तता पायी गयी थी। प्रकरण में दोषी पाये गये 03 अभियुक्तों के विरूद्व पूर्व में विधिक कार्यवाही पूर्ण कर आरोप पत्र प्रेषित है।
वांछित अभियुक्तों के विरूद्व प्रचलित गिरफ्तारी अभियान के तहत वांछित अभियुक्त तत्कालीन परिचालन प्रबन्धक इलाहाबाद बैंक वर्तमान में सिनियर मैनेजर इण्डियन बैंक, विजेन्द्र चैधरी पुत्र श्री राम प्रसाद चैधरी निवासी-मकान नम्बर-268/1662/1ए दीघा, दीघा घाट, देवी मन्दिर, एक्स टी0टी0आई0 थाना दीघा जनपद पटना नगर (बिहार) को आज दिनांक-11.09.2025 को समय 12.50 बजे दिन में उनके इण्डियन बैंक की शाखा बेउर जिला पटना बिहार से ई0ओ0डब्लू0 टीम द्वारा गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया गया है।
अभियुक्त की गिरफ्तारी मु0अ0सं0-123/2010, धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि0 व धारा 13(1) (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अन्तर्गत की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्त को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट वाराणसी में पेश कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जायेगी।





