
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम कानूनों के सरलीकरण को लेकर मंगलवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह और सूर्यपाल गंगवार, सीएम के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, एसीएस आलोक कुमार सहित कई विभागों के वरिष्ठ IAS अधिकारी शामिल रहे।
🏗️ बड़ी औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा है यूपी
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब बड़े पैमाने पर औद्योगिक और श्रम सुधारों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मकसद न केवल व्यापार को आसान बनाना, बल्कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
📜 “सुगम्य व्यापार विधेयक 2025” जल्द होगा पेश
बैठक में जानकारी दी गई कि जल्द ही “सुगम्य व्यापार विधेयक 2025” विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें कई ऐतिहासिक बदलाव शामिल होंगे।

⚖️ श्रम कानूनों में होंगे ये बड़े बदलाव:
- राज्य अधिनियमों के 99% आपराधिक प्रावधान होंगे समाप्त।
- 13 राज्य अधिनियमों से आपराधिक धाराएं पूरी तरह हटाई जाएंगी।
- कारावास की जगह अब आर्थिक दंड को प्राथमिकता दी जाएगी।
- प्रशासनिक कार्रवाई को अग्रिम प्राथमिकता दी जाएगी।
- आपराधिक कानूनों को गैर-आपराधिक श्रेणी में बदला जाएगा।

🏆 देश में पहली बार किसी राज्य की यह पहल
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा, जो औद्योगिक माहौल को मित्रवत बनाने और व्यवसाय करने की सुगमता को बढ़ाने के लिए श्रम कानूनों को इस स्तर पर सरल बनाएगा।
🔍 निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से न केवल नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। इसके साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य को एक नए औद्योगिक और रोजगारपरक युग में ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।





