
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: ज़िला अस्पताल, जिसे लोगों की ज़िंदगी बचाने का मंदिर कहा जाता है, वहीं अब मरीजों की ज़िंदगी से खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है। बांगला जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा एक मासूम बच्चे की सर्जरी (टांके लगाने) का चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
लोगों का कहना है कि यह अस्पताल नहीं, बल्कि ‘प्रयोगशाला’ बन गया है, जहाँ कोई भी बाहरी व्यक्ति ऑपरेशन थिएटर में घुसकर मरीजों की जान से खेल सकता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि न तो कोई योग्य डॉक्टर मौजूद है और न ही मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन।
अब सवाल उठता है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और बांगला जिला अस्पताल के प्रभारी आखिर किस नींद में सो रहे थे? क्या उन्हें अस्पताल में चल रही इन खतरनाक हरकतों की खबर नहीं थी, या फिर सबकुछ उनकी नाक के नीचे मेहमान नवाज़ी की तरह चलता रहा?
जनता में गुस्सा है कि जब सरकारी अस्पताल में ही ‘झोलाछाप राज’ चलेगा, तो फिर आम आदमी इलाज के लिए कहाँ जाए?
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोग ताबड़तोड़ कमेंट कर रहे हैं –
“ये अस्पताल है या खेल का मैदान?”
“CMO और प्रभारी को तुरंत सस्पेंड किया जाए!”
“सरकारी OT अगर झोलाछाप के हवाले हो जाए, तो भगवान ही मालिक है मरीजों का।”
अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग इस ‘ऑपरेशन घोटाले’ पर कब जागता है और जिम्मेदारों पर कैसी कार्रवाई होती है।





