
- रिपोर्ट: अमित कुमार
लखनऊ: भारत के चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर (SIR) और वोटर सूची से नाम हटाने के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी की महिला इकाई ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व सपा महिला सभा की जिला अध्यक्ष सरोज यादव ने किया।
चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी
सपा महिला सभा की पदाधिकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। यह प्रदर्शन सिविल लाइन स्थित प्रेस क्लब के पास से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च के रूप में निकाला गया।
पिछड़ी जातियों के वोट काटने का आरोप
सरोज यादव ने आरोप लगाया कि भारत के चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर के माध्यम से विशेष रूप से पिछड़ी जातियों के वोटों को निर्वाचन नामावली से हटाया जा रहा है, जो पूरी तरह गैर-संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही घटनाक्रम 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान भी देखने को मिला, जब बीजेपी के इशारे पर यह कार्रवाई की गई।
18,000 से अधिक एफिडेविट का दावा
सरोज यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने 18,000 से अधिक एफिडेविट के साथ यह साक्ष्य प्रस्तुत किया कि उनके समर्थक मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने 17 अगस्त 2025 की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह झूठा दावा किया कि उन्हें कोई एफिडेविट नहीं मिला, जिससे आयोग की संवैधानिक निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
ज्ञापन सौंप कर की कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के बाद सपा महिला सभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि वोटर लिस्ट से नाम काटने की गंभीर जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर इन मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती, तो समाजवादी महिला सभा बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
प्रदर्शन में ये प्रमुख लोग रहे शामिल
इस प्रदर्शन में कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें शामिल हैं:
- डॉ. निषाद अख्तर (महासचिव)
- राजकुमारी कोरी, यशोमती कोरी, मंजू सरोज
- बबीता श्रीवास्तव (अयोध्या विधानसभा अध्यक्ष)
- रीता निषाद (बीकापुर विधानसभा अध्यक्ष)
- रीता राही (जिला सचिव), पूनम यादव (कोषाध्यक्ष)
- मीना यादव, पार्वती कोरी, जमुना कोरी, पूनम देवी
- कृष्ण गोपाल यादव (पार्षद), मंजीत यादव (यूथ ब्रिगेड अध्यक्ष)
- रमेश यादव (उपाध्यक्ष), और अन्य कार्यकर्ता
प्रदर्शन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर समाजवादी पार्टी सख्त रुख अपनाने को तैयार है।





