
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
उन्नाव (हसनगंज): उन्नाव जिले की हसनगंज तहसील में लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे के किनारे की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर उद्योगपतियों द्वारा अवैध कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। इन जमीनों में ग्राम समाज की नाली, चकरोड, तालाब और खाल की जमीनें शामिल हैं, जिन पर कब्जा कर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई है।
अवैध कब्जे की जमीनें:
यह अवैध कब्जा अजगैन, कुशुम्भी, गौरा कठेरवा और जगदीशपुर जैसे गांवों की सार्वजनिक संपत्तियों पर हुआ है। सूत्रों के अनुसार, कब्जा करने वालों ने बिना किसी वैध अनुमति के इन जमीनों को घेरकर अपने निजी उपयोग में ले लिया है।
शासन की सख्त कार्रवाई:
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने अपर आयुक्त प्रशासन, लखनऊ मंडल को जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती कार्रवाई से तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही निवर्तमान एसडीएम और तहसीलदार की भूमिका की भी जांच हो सकती है।
जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज:
शासन ने स्पष्ट किया है कि भूमाफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को कब्जा कराने में लिप्त अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।
कानूनी धाराएं:
इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 441 (अनाधिकृत प्रवेश) और धारा 447 (आवेदन के बावजूद कब्जा न छोड़ना) के तहत फौजदारी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी जमीन की इस लूट पर शासन की सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और सार्वजनिक संपत्ति को बचाया जाएगा।





