
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में इतिहास रचते हुए पहली बार ‘AI’ यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष पाठशाला आयोजित की गई। इस सत्र का उद्देश्य था जनप्रतिनिधियों को एआई की बारीकियों से अवगत कराना, लेकिन यह सत्र उस समय बेहद रोचक हो गया जब विधायकों की जिज्ञासाओं ने माहौल हल्का-फुल्का बना दिया।
अगर एआई के जनक जॉन मैकार्थी खुद आज यूपी विधानसभा की दर्शक दीर्घा में मौजूद होते, तो शायद उन्हें भी इस सत्र के बाद नींद लाने वाली दवाएं — बेल्सोम्रा, एम्बियन, डेविगो, क्यूविविक, लुनेस्टा या रेस्टोरिल — की ज़रूरत पड़ जाती!
विधायकों की ओर से आए सवालों ने साबित कर दिया कि एआई को लेकर उत्सुकता जितनी गंभीर है, उतनी ही मनोरंजक भी। इन्हीं में से एक सवाल पूछा गया समाजवादी पार्टी के विधायक अभय सिंह द्वारा। उनकी जिज्ञासा और जवाब ने ऐसा माहौल बनाया कि सदन में मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
इस अनोखी क्लास ने एक ओर जहां तकनीकी जानकारी दी, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में एक नया और हल्का-फुल्का अनुभव भी जोड़ा, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।





