
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनने वाले स्वयं सहायता समूहों पर अब भ्रष्टाचार का साया मंडराने लगा है। हसायन क्षेत्र के नगला ब्राह्मण नगला मियां पट्टी देवरी गांव से ओम स्वयं सहायता समूह की सचिव हीरेश देवी ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है।
पीड़िता हीरेश देवी का आरोप है कि समूह के बैंक खाते से दो चेकों के जरिए — एक ₹85,000 और दूसरा ₹50,000 — कुल ₹1,35,000 की अवैध निकासी की गई। सबसे बड़ा खुलासा — दोनों चेकों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए!
घोटाले की जड़ में कौन?
हीरेश देवी ने यह मामला सुनियोजित आर्थिक डकैती करार दिया है। उनके अनुसार, इसमें समूह की अध्यक्ष, हसायन ब्लॉक के कुछ कर्मचारी, और बैंक के कर्मचारी तक शामिल हैं।
“ये सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे समूह का हक मारा गया है। गरीब महिलाओं के खून-पसीने की कमाई पर डाका डाला गया है,” — हीरेश देवी
गांव में उबाल, ब्लॉक में सन्नाटा
इस खुलासे के बाद गांव और अन्य स्वयं सहायता समूहों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि हसायन ब्लॉक भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है, जहां अधिकारी और कर्मचारी मिलीभगत से घोटाले कर रहे हैं।
प्रशासन की परीक्षा
पीड़िता ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है —
- क्या पुलिस इस महाघोटाले में शामिल असली गुनहगारों को बेनकाब करेगी?
- या फिर यह मामला भी ब्लॉक की भ्रष्ट दीवारों में दफन हो जाएगा?





