
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: महीगवां थाना क्षेत्र में रंगदारी को लेकर हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी दुर्गेश सिंह से रंगदारी की मांग की गई थी, और इंकार करने पर उनके भतीजे पंकज सिंह पर जानलेवा हमला हुआ। गनीमत रही कि पंकज बाल-बाल बच गया।
इस हमले का आरोप मुख्तार गाजी, कुद्दुस गाजी और राजू रावत पर लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी पुलिस ने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की। हैरानी की बात यह है कि वारदात के पूरे 20 दिन बाद जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक वॉटर पार्क के निर्माण से जुड़ा हुआ है। व्यापारी दुर्गेश सिंह ने साफ कहा है, “अगर मुझे कुछ हुआ तो इसके लिए पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।”
स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।





