
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: जिले में खनन माफियाओं के हौसले एक बार फिर कानून के परखच्चे उड़ाते नजर आए। मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 3:00 बजे, सहपऊ थाना क्षेत्र के गांव करैया के पास उस समय हड़कंप मच गया जब खनन अधिकारी की टीम पर माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, खनन अधिकारी अपनी टीम के साथ अवैध खनन की सूचना पर एक मिट्टी से भरे डंपर का पीछा कर रहे थे। तभी अचानक काली स्कॉर्पियो (UP-14-ES-9630) में सवार आधा दर्जन खनन माफियाओं ने रास्ता रोक लिया और खनन विभाग की टीम पर हमला बोल दिया। इस हमले में टीम के साथ मौजूद दो होमगार्ड बुरी तरह घायल हो गए।

घायल होमगार्ड धर्मवीर, जो मौके पर तैनात थे, ने बताया —
“हम लोग टीम के साथ डंपर का पीछा कर रहे थे, तभी काली स्कॉर्पियो से अचानक कुछ लोग उतरे और बिना कुछ कहे हम पर हमला बोल दिया। मुझे और मेरे साथी को डंडों से पीटा गया।”

घटना के तुरंत बाद खनन अधिकारी ने सहपऊ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने स्कॉर्पियो नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है,

बड़ा सवाल यह है कि क्या खनन माफियाओं को किसी राजनीतिक संरक्षण का मिल रहा है सहारा?

क्या कानून व्यवस्था अब खनन माफियाओं के आगे घुटने टेक चुकी है?
इस घटना ने एक बार फिर जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सरकारी अधिकारी और सुरक्षा बल ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी?





