
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। खौफनाक वीडियो सामने आए हैं, जिसमें खीरगंगा नदी का उफनता पानी रिहायशी इलाकों को निगलता दिख रहा है।
पूरा गांव मानो तालाब में बदल गया हो। घटनास्थल पर सेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। एयरफोर्स से भी मदद मांगी गई है।
उत्तरकाशी के डीएम ने हालात को बेहद गंभीर बताया है।प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
- उत्तराखंड में मौसम का कहर जारी: उत्तरकाशी के हर्षिल आर्मी कैंप में भूस्खलन और बारिश से तबाही, हालात बेकाबू
उत्तराखंड में लगातार तीसरे दिन भी भयंकर बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचाई हुई है। प्रदेश के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं।

सबसे चिंताजनक स्थिति उत्तरकाशी जिले के हर्षिल इलाके में देखने को मिल रही है, जहां सेना के कैंप के आसपास भी भूस्खलन और मलबे का खतरा मंडरा रहा है।
एक वीडियो सामने आया है जिसमें हर्षिल आर्मी कैंप की खतरनाक स्थिति को देखा जा सकता है। भारी मलबा, तेज बहाव, और लगातार गिरते पत्थर इलाके की स्थिति को और भयावह बना रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट पर, लेकिन चुनौती बड़ी
आपदा प्रबंधन दल और सेना की टीमें सतर्क हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और जमीन धंसने की घटनाओं ने राहत कार्यों को भी मुश्किल बना दिया है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
उत्तराखंड में इस साल मानसून ने एक बार फिर दिखा दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से यह राज्य कितना संवेदनशील है।
- उत्तरकाशी: हर्षिल से दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल, बाढ़ में खिलौने की तरह बहती नजर आई कार
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के हर्षिल से एक और रौंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में एक कार तेज बहाव वाली लहरों में ऐसे बहती नजर आ रही है जैसे कोई खिलौना हो।

घटना के दौरान किनारे खड़े लोग चीख-चीखकर चिल्ला रहे हैं:
“अरे देखो, कार में कोई आदमी भी है…!”
यह दृश्य इतना भयावह है कि वहां मौजूद लोग भी बेबस और सहमे हुए दिख रहे हैं।
बारिश और बाढ़ का कहर जारी
उत्तरकाशी समेत पूरे उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलधार बारिश और भूस्खलन से स्थिति गंभीर बनी हुई है। नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है और कई स्थानों पर सड़कें, पुल और वाहन बह चुके हैं।
प्रशासन अलर्ट पर, यात्रियों को सतर्क रहने की अपील
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें रेस्क्यू और राहत कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों-नालों के पास न जाएं, और अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें।
यह वीडियो उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के खौफनाक असर को दिखाने वाला एक और उदाहरण है, जो बताता है कि एक छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
- उत्तरकाशी में आफत की बारिश: भागीरथी नदी बनी झील, बादल फटने से हर्षिल और सूखी टॉप में बढ़ा खतरा
उत्तरकाशी में मौसम का कहर लगातार जारी है और हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। भारी बारिश के चलते भागीरथी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और हर्षिल हैलीपैड के पास नदी झील में तब्दील हो गई है, जिससे बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।

साहब, ऊपर से भयंकर आवाज आ रही है… नदी ब्लॉक हो गई है
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी है कि नदी का बहाव रुक गया है और ऊपर से भयंकर आवाजें आ रही हैं। लोगों का कहना है –
“साहब, पूरा जलभराव हो गया है… भागीरथी नदी ब्लाक हो गई है…”
इससे कृत्रिम झील बनने की आशंका है, जो किसी भी समय बड़ा विस्फोटक संकट ला सकती है।
सूखी टॉप और धराली में बादल फटने की सूचना
इस बीच, धराली के बाद अब सूखी टॉप में भी बादल फटने की खबर है। लगातार तेज बारिश के चलते नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आपदा संभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और रेस्क्यू टीमों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारों से दूर रहें, और यदि आवश्यक न हो तो यात्रा टाल दें।
उत्तरकाशी में यह स्थिति एक बार फिर दिखा रही है कि उत्तराखंड की पहाड़ियां प्राकृतिक आपदाओं के कितनी संवेदनशील हैं, और समय रहते सतर्कता ही एकमात्र उपाय है।
- उत्तरकाशी: जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष का दिल दहला देने वाला दृश्य, मलबे से निकलकर ऊपर चढ़ने की जद्दोजहद
उत्तरकाशी से एक और झकझोर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें प्राकृतिक आपदा के बीच इंसानी संघर्ष की भयावह तस्वीर देखी जा सकती है।

वीडियो में एक व्यक्ति मलबे में दबने के बाद रेंग-रेंगकर ऊपर चढ़ने की कोशिश करता दिख रहा है। वह अपनी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करता है, वहीं उसके पास से एक अन्य व्यक्ति मलबे से बचते हुए दौड़कर ऊपर की ओर भाग रहा है।
जब जान पर बन आए, तो दूसरों की परवाह कहां…
ऊपर खड़े लोग दौड़ते व्यक्ति से आग्रह करते हैं कि वह पीछे छूटे व्यक्ति को भी खींच ले, लेकिन वह अपनी जान बचाने की होड़ में पीछे मुड़कर नहीं देखता। यह दृश्य मानव स्वार्थ और भय की उस स्थिति को दर्शाता है, जहां हर कोई पहले खुद को बचाना चाहता है।
उत्तरकाशी में कहर बना मलबा और बारिश
लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई इलाकों में रास्ते बंद हो गए हैं, और लोगों को जान बचाने के लिए जानलेवा हालातों से गुजरना पड़ रहा है।
यह दृश्य सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस दर्दनाक हकीकत का आइना है, जहां प्राकृतिक आपदा के बीच इंसान की असहायता और संघर्ष साफ झलकता है। उत्तरकाशी इस समय कुदरत के कोप से जूझ रहा है, और हालात हर पल और भी गंभीर होते जा रहे हैं।








