
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा साबित हो सकता है। अगर आपने तेज रफ्तार से गाड़ी चलाई या ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात की, तो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तुरंत आपको पकड़ लेगा और चालान भी तुरंत कटेगा।
राज्य में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब AI की मदद से निगरानी और चालान वसूली की प्रक्रिया को और तेज किया जा रहा है।
हर महीने 2000 से ज्यादा मौतें
यूपी में हर महीने सड़क हादसों में 2000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इस साल सिर्फ जून तक ही 14,000 से ज्यादा लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है।
पुराने उपाय फेल, अब AI से उम्मीद
सड़क सुरक्षा और परिवहन विभाग द्वारा किए जा रहे पारंपरिक उपाय कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में अब AI तकनीक को ट्रैफिक कंट्रोल और हादसों की रोकथाम के लिए अपनाया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने दी पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी
इस नई पहल के तहत केंद्र सरकार ने एक पायलट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। अगर उत्तर प्रदेश में यह AI आधारित सड़क सुरक्षा मॉडल सफल होता है, तो इसे देशभर में लागू किया जाएगा।
AI अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखेगा, चालान जनरेट करेगा और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।





