
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड गोखले मार्ग लखनऊ द्वारा पावर कॉरपोरेशन के आदेश का हवाला देकर रुपया 9000 से रुपया 11000 अल्प वेतन पाने वाले बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थानांतरण का आदेश निर्गत किया गया है।
उन्होंने कहा कि जबकि एमडी मध्यांचल को मालूम है, कि पावर कार्पोरेशन के जिस आदेश का हवाला देकर उनके द्वारा स्थानांतरण का आदेश निर्गत किया गया है। उस आदेश पर माननीय न्यायालय द्वारा वर्ष 2018 में ही रोक लगा दी गई थी जो आज भी प्रभावी है। इसके बावजूद भी एम डी मध्यांचल द्वारा जानबूझकर कर्मचारियों के स्थानांतरण का आदेश निर्गत किया गया है।
उनका कहना है, कि एमडी मध्यांचल रिया केजरीवाल द्वारा पहले पूर्व एमडी मध्यांचल भवानी सिंह खंगरौत के आदेश का नजर अंदाज कर कर्मचारियों की छटनी की गई जिससे जहां एक तरफ बिजली संकट उत्पन्न हो गया वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों पर कार्य का अधिक भार पड़ने से कर्मचारियों कि दुर्घटनाएं हो रही है।
पाण्डेय ने कहा कि इसके बावजूद भी उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उलंघन कर बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ऐसे में एमडी मध्यांचल द्वारा अपने द्वारा किए गए स्थानांतरण के आदेश को वापस नहीं लिया गया तो संगठन को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी एमडी मध्यांचल रिया केजरीवाल की होगी।





