
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: झुंकी घाट स्थित कंचन भवन मंदिर में झूलन उत्सव का शुभारंभ भक्ति और उल्लास के माहौल में हुआ। इस पावन अवसर पर अवध बिहारी सरकार और माता जानकी को भव्य झूले पर विराजमान किया गया। झूले को भक्तों द्वारा सावन के गीतों के साथ भावभक्ति से झुलाया गया, जिससे मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
मंदिर के महंत विजय दास महाराज ने सभी भक्तों को सावन माह और झूलन उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए इस उत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एकादशी के बाद भगवान विष्णु सृष्टि का कार्यभार शिवजी को सौंपते हैं और वहीं से श्रावण मास की शुरुआत होती है। इसी के साथ मठ-मंदिरों में झूले की परंपरा प्रारंभ होती है, जो उत्साह, श्रद्धा और वैभव का प्रतीक है।”
महंत जी ने बताया कि इस वर्ष झूले की शुरुआत परसों रात्रि गुरुजनों की कृपा से हुई और यह उत्सव रक्षाबंधन तक चलेगा। उन्होंने इसे प्राचीन परंपरा बताया जो सदियों से संत-महात्माओं द्वारा निभाई जाती रही है।
इस दौरान मंदिर में भंडारा, कीर्तन और भजन का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। श्रद्धालु घाटों से जल भरकर शिवजी का जलाभिषेक भी कर रहे हैं।
महंत विजय दास महाराज ने कहा, “हम सभी के कल्याण के लिए भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें और उनके जीवन में आनंद, सुख और शांति का संचार करें।”





