
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: NCR क्षेत्र में फ्लैट खरीदारों को धोखा देने वाले बिल्डर्स और उनसे जुड़े वित्तीय संस्थानों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने 22 केस दर्ज कर 47 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है, जिससे रियल एस्टेट और फाइनेंस कंपनियों की आपसी मिलीभगत उजागर हुई है।
CBI की यह कार्रवाई दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों में हुई है। जांच एजेंसी ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं, जो बिल्डरों और फाइनेंशियल संस्थानों की संदिग्ध गतिविधियों को दर्शाते हैं।
छापेमारी की ज़द में आए प्रमुख बिल्डर्स की सूची जल्द जारी होने की संभावना
CBI का यह क्रैकडाउन ऐसे वक्त पर हुआ है जब NCR में हजारों होमबायर्स लंबे समय से अपने घरों की डिलीवरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एजेंसी को संदेह है कि इन प्रोजेक्ट्स में फाइनेंस कंपनियों और बिल्डरों की मिलीभगत से फंड्स का दुरुपयोग हुआ है।
CBI सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा और भी बढ़ाया जा सकता है और आने वाले दिनों में कई और नामों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल जब्त दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा की गहन जांच की जा रही है।
इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि घर खरीदारों को इंसाफ मिलेगा और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित होगा।





