
रिपोर्ट- प्रतीक वार्ष्णेय
विकास के नाम पर पक्षपात?
विकास की सड़क VIP की चौखट तक?… बाकी शहर की गलियों में कीचड़, गड्ढे और ग़ैरबराबरी!
हाथरस में नगर पालिका पर पक्षपात का आरोप — तरफरा रोड और चक्की बाजार के लोग बोले: क्या हम टैक्स नहीं देते?
तर्फारा रोड और चक्की बाजार बदहाल, वहीं VIP इलाकों में झटपट सीमेंटेड रोड!
हाथरस: नगर पालिका हाथरस द्वारा चलाए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर असमानता और भेदभाव की तस्वीर सामने आ रही है। जहां शहर के कुछ खास क्षेत्रों में सीमेंटेड सड़कें पूरी चौड़ाई और इंटरलॉकिंग सहित बनाई जा रही हैं, वहीं तरफरा रोड, चक्की बाजार और जैसे आमजन के क्षेत्र आज भी जलभराव, अधूरे कार्य और लापरवाही से त्रस्त हैं।
जनता के बीच यह सवाल तेजी से उभर रहा है —
“क्या नगर पालिका का विकास सिर्फ उन सड़कों तक सीमित है, जहां से व्यापारिक वाहन गुजरते हैं?”
तरफरा रोड: 100 मीटर की अनदेखी बनी 365 दिन की सज़ा

तरफरा रोड पर एक साल पहले सीमेंटेड सड़क का कार्य कराया गया, लेकिन दोनों ओर की इंटरलॉकिंग आज तक नहीं कराई गई।
सबसे चौंकाने वाली बात — बीच का लगभग 100 मीटर का टुकड़ा अधूरा छोड़ दिया गया, जो हर बारिश में तालाब में तब्दील हो जाता है।
इस जलभराव से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है — पैदल चलना तक मुमकिन नहीं।
चक्की बाजार: आधा अधूरा विकास

वर्तमान में चक्की बाजार में सीमेंटेड रोड बनाया जा रहा है। लेकिन फिर वही गलती — दोनों साइड की रोड छोड़ दी गई है।
यह ठीक उसी तर्ज पर हो रहा है जैसा एक साल पहले तरफरा रोड पर हुआ था, जहां आज तक इंटरलॉकिंग नहीं हो सकी।
गलियों में पानी भरने से लोग परेशान हैं और व्यापार प्रभावित हो रहा है।
और इधर “चुने हुए इलाकों” में VIP सड़कें

बगमुला चौराहे से लेकर भुरापीर चौराहे तक हाल ही में दोनों साइड चौड़ी सीमेंटेड सड़क का निर्माण किया गया।
इससे पहले मस्जिद चौराहा से लेकर चामड़ गेट तक भी पूर्ण रूप से मजबूत सड़क बनाई गई थी, जिसमें जल निकासी की व्यवस्था भी है।

गौर करने वाली बात ये है कि इन सभी मार्गों से नमकीन, ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक गाड़ियों का आना-जाना ज्यादा होता है।
जनता का सवाल — क्या हमारे टैक्स का विकास दूसरे इलाकों के लिए?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका सिर्फ उन्हीं इलाकों में विकास कर रही है, जहां राजनीतिक दबाव या व्यवसायिक लाभ जुड़ा हुआ हो।





