
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखीमपुर: लखीमपुर जिले में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूलों के तपते कमरों में बिना पंखों के छात्र पसीने से तरबतर हो रहे हैं। ऊपर से जिले की खराब बिजली आपूर्ति ने स्थिति और भी बदतर बना दी है।
बच्चे और रसोइया दोनों परेशान
शिक्षण कक्षाओं में गर्मी से बेहाल बच्चों के साथ-साथ मध्यान्ह भोजन तैयार कर रही रसोइयों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप और उमस में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
दोपहर तक स्कूल में रहने से बच्चे बीमार पड़ रहे
बच्चों को दोपहर दो बजे तक स्कूल में रोके जाने से उनकी तबीयत पर असर पड़ रहा है। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चे थकावट और चक्कर आने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं।
अभिभावकों ने उठाई स्कूल समय में बदलाव की मांग
हालात को देखते हुए अभिभावकों ने स्कूल के समय में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी के इस मौसम में स्कूल का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कर देना चाहिए, ताकि बच्चे धूप से पहले घर लौट सकें।
सावन में भी जारी ‘जेठ’ जैसी गर्मी
गौर करने वाली बात यह है कि सावन का महीना चल रहा है, जो आमतौर पर ठंडक लाता है, लेकिन इस बार मौसम ‘जेठ’ जैसा गर्म बना हुआ है। यह गर्मी सिर्फ स्कूलों ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रही है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन कब तक इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेता है और बच्चों के हित में कोई त्वरित और प्रभावी कदम उठाया जाता है या नहीं।





