
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
उन्नाव: जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर नहरों की सफाई के दावे तो खूब किए गए, लेकिन असलियत तब सामने आई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरे की खबर आई। अधिकारियों ने आनन-फानन में सफाई अभियान शुरू कर दिया — वो भी सिर्फ दिखावे के लिए।
🔹 किसानों को नहीं मिल रहा पानी — नहरों में गाद और गंदगी अब भी ज्यों की त्यों है।
🔹 पहले JCB से किया गया दिखावा, अब कुछ मजदूरों को लगाकर लीपापोती शुरू कर दी गई है।
🔹 फाइलों में नहरें पूरी तरह साफ, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग — जगह-जगह कचरा और कीचड़ जमा है।
🔹 अधिकारियों को डर — कहीं दौरे के दौरान कोई किसान CM से न शिकायत कर दे!
लोगों का सवाल है — क्या अधिकारी सिर्फ वीआईपी दौरे के वक्त ही सक्रिय होते हैं? आम जनता और किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान क्यों नहीं देता?
यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है कि लाखों किसानों के हित से जुड़ी इस सफाई प्रक्रिया को गंभीरता से लेने के बजाय, अफसरशाही केवल “मुख्यमंत्री दिखेंगे तो काम करेंगे” के रवैये पर चल रही है।





