
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस, में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव रॉय द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सहपऊ का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें साफ-सफाई व्यवस्था तो संतोषजनक पाई गई, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही की कई परतें भी खुलकर सामने आ गईं।
निरीक्षण के दौरान डॉक्टर रजनीश कुमार (चिकित्साधिकारी, एनसीडी) और श्रीमती सुनीता राजपाल (वरिष्ठ सहायक) अनुपस्थित पाए गए, जिसके चलते उनका दिनांक 23.07.2025 का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जब तक संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलेगा, वेतन नहीं मिलेगा।
ओपीडी के आंकड़ों पर एक नजर:
स्टाफ के मुताबिक, आज 132 मरीजों की ओपीडी हो चुकी थी और रोज़ाना लगभग 140-150 मरीज देखे जाते हैं। सर्पदंश (सांप काटने) के मामलों में 27 एआरवी इंजेक्शन लगाए जा चुके थे, और एंटी वेनम वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रभारी सीएमओ ने निर्देशित किया कि ऐसे मरीजों का प्राथमिक उपचार सीएचसी पर ही तुरंत किया जाए और केवल गंभीर स्थिति में ही रेफर किया जाए।
कोल्ड चेन में खामी:
कोल्ड चेन कक्ष में तीन डीप फ्रीजर और तीन ILR तो उपलब्ध थे, लेकिन लॉगबुक अस्त-व्यस्त मिली। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक भूरी सिंह को लॉगबुक को तुरंत व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया।
लेबर रूम और डिलीवरी सेवा की स्थिति:
स्टाफ नर्स सीमा देवी के अनुसार बीते 24 घंटे में कुल दो डिलीवरी हुई हैं, लेकिन डाईट रजिस्टर में 13 जुलाई के बाद कोई एंट्री नहीं की गई थी, जिसे लेकर स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लेबर रूम में दवाइयों और मशीनों की उपलब्धता ठीक-ठाक पाई गई।

आदेश और कार्रवाई:
- अनुपस्थित स्टाफ का वेतन रोका गया
- स्टाफ नर्स को कारण बताओ नोटिस
- लॉगबुक व डाईट रजिस्टर सुधारने के निर्देश
जनहित सवाल:
- क्या स्वास्थ्य विभाग की आंख तब ही खुलेगी जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा?
- क्या लापरवाह कर्मचारियों पर सख्ती और तेज़ नहीं होनी चाहिए?





