
- रिपोर्ट- प्रतीक वार्ष्णेय
निरीक्षण में अनुपस्थित मिले कई अधिकारी और कर्मचारी
DM के अनुमोदन पर 13 जुलाई का वेतन / मानदेय किया गया स्थगित
CDO पी.एन. दीक्षित ने जताई कड़ी नाराज़गी, स्पष्टीकरण तलब
हाथरस में श्रावण मास में कावड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों की सेवा और सुरक्षा हेतु जिले में विभिन्न स्थानों पर कावड़ शिविर स्थापित किए गए हैं, परंतु कुछ जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इसमें लापरवाही बरतते नजर आए।
हाथरस के मुख्य विकास अधिकारी पी०एन० दीक्षित ने 13 जुलाई 2025 को दोपहर 3:30 बजे से रात्रि 7:00 बजे तक आगरा सीमा से लेकर सिकंदराराऊ तक स्थापित कावड़ शिविरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 5 अधिकारी / कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिनकी ड्यूटी पूर्व निर्धारित थी।
अनुपस्थित पाए गए अधिकारी/कर्मचारी — विवरण इस प्रकार है:
क्रमांक शिविर का स्थान नाम पदनाम ड्यूटी समय निरीक्षण में स्थिति
1 गोविन्दपुर चौकी टोल के पास श्री मुकेश कुमार प्रवक्ता, डायट 2:00 PM – 10:00 PM 3:34 बजे अनुपस्थित
2 कुकटई कुरसण्डा मोड़ श्री मंजुल मयंक लेखपाल 2:00 PM – 10:00 PM पंजिका में हस्ताक्षर, 4:35 बजे अनुपस्थित
3 विसाना श्री राहुल वर्मा मंडी निरीक्षक 2:00 PM – 10:00 PM 5:55 बजे अनुपस्थित
4 रति का नगला श्री गजेन्द्र सिंह बोरिंग टेक्नीशियन 10:00 AM – 6:00 PM 11/12 जुलाई को अनुपस्थित पाए गए
5 चमरौली श्री अंकित CHO 10:00 AM – 6:00 PM 11/12 जुलाई को हस्ताक्षर कर चले गए
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद CDO ने तत्काल प्रभाव से सभी संबंधितों का 13 जुलाई का वेतन / मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर, स्पष्ट मंतव्य सहित पत्रावली प्रस्तुत करें।
प्रशासन सख्त – कोई लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त!
प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कावड़ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर तैनात ड्यूटी से गैरहाजिरी “कर्तव्य में गंभीर लापरवाही” की श्रेणी में मानी जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई तय है।
ज़िले के अन्य कर्मचारियों को चेतावनी:
यह कार्रवाई एक संदेश है उन अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए, जो ड्यूटी को हल्के में ले रहे हैं। अब किसी भी प्रकार की अनदेखी या अनुपस्थिति सीधे सेवा रिकॉर्ड को प्रभावित कर सकती है।





