
- रिपोर्ट: रामकुमार
अयोध्या धाम: सिद्ध पीठ हनुमत निवास में चल रहा 10 दिवसीय अखंड रामायण पाठ एवं हनुमान चालीसा का अनुष्ठान शनिवार को विधिवत रूप से संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हनुमत निवास के पीठाधीश्वर महंत श्री मिथिलेश नंदनी शरण महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ।
इस विशेष आयोजन की पहल दक्षिण भारत से अयोध्या पहुंचीं उन श्रद्धालु महिलाओं ने की, जिन्होंने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि जब श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण पूर्ण होगा, तब वे अयोध्या आकर अखंड रामायण पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। उनकी यह मन्नत राम मंदिर निर्माण के साथ पूरी हुई, और उसी भावना के साथ उन्होंने हनुमत निवास में यह आयोजन किया। पूरे दस दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में भजन, कीर्तन, रामायण पाठ और हनुमान चालीसा के गूंजते स्वर अयोध्या की पावन धरा को भक्तिमय करते रहे।

समापन दिवस पर विशेष आरती, भंडारा, और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया, इसके साथ-साथ शाम को सरजू जी के किनारे सरजू आरती के पश्चात गरीबों में भोजन वितरण और उचित दक्षिणा दिया गया जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं सहित दूर-दराज से आए भक्तों ने भाग लिया।

महंत मिथिलेश नंदनी शरण महाराज ने इस अवसर पर कहा, “यह आयोजन रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है वृंदावन से पधारे महंत युगल शरण के साथ दक्षिण भारत की निर्मला माता इनकी सगी बहने उपस्थित साधु संतों का सेवा आदर सत्कार श्रद्धापूर्ण विदाई अंग वस्त्र देकर कियाजब श्रद्धा संकल्प बन जाए, तो वह स्वयं प्रभु के चरणों तक पहुंच जाती है। इस अवसर पर प्रोफेसर प्रदीप मिश्रा के साथ अयोध्या के समस्त संत महंत गृहस्थ उपस्थित रहे l





