
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर लखनऊ के सीएचसी सिल्वर जुबली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. दिनेश कुमार ने “सारथी वाहन” और जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और जनसंख्या स्थिरता पखवारे की औपचारिक शुरुआत की। यह पखवारा 11 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगा।
परिवार नियोजन से मजबूत होता है समाज
महानिदेशक डॉ. दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन नहीं है, बल्कि यह महिला और शिशु स्वास्थ्य, पोषण और पूरे परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। सरकार का प्रयास है कि योग्य दंपत्तियों को सही जानकारी और सुविधाएं समय पर मिलें।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों के माध्यम से सेवाएं लगातार दी जा रही हैं, जिससे हर दंपत्ति अपनी इच्छानुसार परिवार नियोजन के साधनों का चयन कर सके।
पखवारे की थीम – “माँ बनने की उम्र वही, जब तन और मन की तैयारी सही”
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि इस वर्ष जनसंख्या स्थिरता पखवारे की थीम है – “माँ बनने की उम्र वही, जब तन और मन की तैयारी सही।” इस दौरान जनजागरूकता कार्यक्रमों, रैलियों और संवाद सत्रों के माध्यम से समुदाय को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों की जानकारी दी जाएगी।
इस क्रम में रवाना किया गया “सारथी वाहन” विभिन्न क्षेत्रों में जाकर ऑडियो संदेशों और सूचना पोस्टरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा। साथ ही “सास-बेटा-बहू सम्मेलन” जैसे नवाचार कार्यक्रमों के माध्यम से पारिवारिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सम्मानित हुए जागरूक दंपत्ति
कार्यक्रम में परिवार नियोजन के सफल उदाहरण प्रस्तुत करने वाले पांच दंपत्तियों – सविता-शिवराज, प्रीति-दीपक, सुमित्रा-अरविंद गोस्वामी, तैय्यबा-सलमान और निर्मला-सुरेंद्र को सम्मानित किया गया।
उपलब्ध हैं कई प्रकार के साधन – “बास्केट ऑफ चॉइस”
परिवार नियोजन के अंतर्गत उपलब्ध “बास्केट ऑफ चॉइस” में अस्थायी और स्थायी साधनों की विस्तृत श्रृंखला है:
🔹 अस्थायी साधन
- कॉपर टी
- पीपीआईयूसीडी (प्रसव पश्चात)
- पीएआईयूसीडी (गर्भपात पश्चात)
- त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन “अंतरा”
- साप्ताहिक नॉन-हॉर्मोनल गोली “छाया”
- माला-एन
- आकस्मिक गर्भनिरोधक गोली
- कंडोम
🔹 स्थायी साधन
- पुरुष नसबंदी
- महिला नसबंदी
विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ आयोजन
इस अवसर पर डॉ. अश्वनी कुमार (संयुक्त निदेशक व राज्य नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी), डॉ. बी.एन. यादव, डॉ. एम.एच. सिद्दीकी, योगेश रघुवंशी, डॉ. प्रियंका यादव, सतीश यादव, विष्णु प्रताप, गंगा यादव, आशा कार्यकर्ता, केजीएमयू नर्सिंग छात्र और ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट ऑफ मदर एंड चाइल्ड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
साथ ही, शहर और ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो पखवारे भर जारी रहेंगे।





