
- रिपोर्ट- प्रतीक वार्ष्णेय
अगर देर हो जाती तो… मां-बेटी की जान ले लेती खामोशी, मोहल्ले की जागरूकता बनी ढाल
हाथरस में रिश्तों की डोर उस वक्त टूटते-टूटते बची…
जब एक मां और बेटी ने एक साथ लगाने की कोशिश की फांसी!
मोहल्ले वालों की सतर्कता ने दो ज़िंदगियां बचा लीं… वरना शाम की ख़ामोशी मातम में बदल जाती!
हाथरस के मोहल्ला कछपुरा की…
जहां बुधवार की शाम 6 बजे एक 16 साल की लड़की काजल का अपनी मां शांति देवी से किसी बात पर हो गया विवाद…
गुस्से में काजल ने फांसी लगा ली… और बेटी को फंदे पर लटका देख मां शांति देवी ने भी वही रास्ता चुन लिया!
मोहल्ले वालों की नज़र पड़ी तो आनन-फानन में दोनों को फंदे से उतारा गया…
दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया…
डॉक्टरों की टीम ने समय रहते इलाज शुरू किया — और अब दोनों खतरे से बाहर हैं।
ई-रिक्शा चालक हीरालाल सब्जी लेने गए थे… लौटे तो घर की तस्वीर ही बदल चुकी थी।
हीरालाल कहते हैं — “मुझे नहीं पता क्या बात हुई दोनों में… बस दुआ है कि सब ठीक हो जाए।”
छोटी कहासुनी, बड़ा फैसला — और वो भी जान देने का…
कभी-कभी एक पल का ग़ुस्सा ज़िंदगी भर का पछतावा बन सकता है।
इसलिए कहिए — बात कीजिए, टकराइए नहीं… क्योंकि रिश्ते सबसे कीमती होते हैं।





